2016 മേയ് 24, ചൊവ്വാഴ്ച
2016 ഏപ്രിൽ 17, ഞായറാഴ്ച
कक्षा
10
अधिगम
उपलब्धियाँ
इकाई
1
●
चित्रवाचन
करता है और आशय प्रस्तुत करता
है।
●
कहानी पढ़ता है और
आशय प्रस्तुत करता है।
●
कहानी की घटनाओं
को चुनकर लिखता है ।
●
कहानी के आधार पर
पटकथा लिखता है।
●
दोस्ती की याद करते
हुए टिप्पणी लिखता है।
●
संबन्धकारक परसर्ग
को पहचानता है और परसर्गयुक्त
वाक्यों को चुनकर लिखता है।
●
टिप्पणी पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
कविता पर लिखी टिप्पणी
का आकलन सूची तैयार करता है।
●
कविता पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
कविता
पर टिप्पणी लिखता है।
इकाई
2
●
चित्रवाचन करता है
और आशय प्रस्तुत करता है।
●
संस्मरण पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
अपना अनुभव लिखकर
प्रस्तुत करता है।
●
भविष्यकाल की वाक्यों
की विशेषता पहचानता है और
चुनकर लिखता है।
●
जीवनी का अंश पढ़कर
आशय प्रस्तुत करता है।
●
किसी घटना पर रपट
तैयार करता है।
●
लग सहायक क्रिया का
प्रयोग समझता है और ऐसे वाक्यों
को चुनकर लिखता है।
इकाई
3
●
चित्र का वाचन करता
है और आशय प्रस्तुत करता है।
●
कविता पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
कविता का विश्लेषण
करता है और चर्चा में भाग लेता
है।
●
कविता पर टिप्पणी
लिखता है।
●
कहानी पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
सामाजिक विषय पर
होनेवाली चर्चा पर भाग लेता
है।
●
चरित्रगत विशेषताएँ
लिखता है।
●
संगोष्ठी केलिए
आलेख प्रस्तुत करता है।
●
संगोष्ठी में भाग
लेता है।
इकाई
4
●
चित्र का विश्लेषण
करके आशय प्रस्तुत करता है।
●
लेख पढ़कर आशय प्रस्तुत
करता है।
●
लेख की विशेषताएँ
समझता है और चर्चा में भाग
लेता है।
●
पोस्टर तैयार करता
है।
●
वर्तमानकाल के बारे
में समझता है और वर्तमानकाल
के वाक्यों को पहचानकर लिखता
है।
●
यात्रावृत्त पढ़ता
है और आशय प्रस्तुत करता है।
●
ब्राँशर तैयार करता
है।
●
सर्वनाम और प्रत्ययों
का योग समझता है और प्रत्यययुक्त
सर्वनाम पहचानकर लिखता है।
इकाई
5
●
चित्र का विश्लेषण
करके आशय प्रस्तुत करता है।
●
कविता पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
कविता केलिए आस्वादन
टिप्पणी लिखता है।
●
बालश्रम के कारणों
पर विचार करता है और सूचीबद्ध
करता है।
●
कहानी पढ़कर आशय
प्रस्तुत करता है।
●
किसी सामाजिक मुद्दे
पर अपनी राय प्रकट करता है।
●
पत्र लिखता है।
*
* *
* *
* *
*
कक्षा
9
अधिगम
उपलब्धियाँ
इकाई
1
● संकेतों
के आधार पर वर्ग पहेली की पूर्ति
करता है।
● कविता
का परिचय देते हुए टिप्पणी
लिखता है।
● पटकथा
के मार्मिक प्रसंग के आधार
पर डायरी लिखता है।
● कहानी
पढ़कर चरित्र -चित्रण
करता है।
● कहानी
को फिल्माने के लिए पटकथा
तैयार करता है।
● सर्वनाम
और परसर्ग के योग से होनेवाले
रूपांतर समझकर प्रयोग करता
है।
इकाई
2
● डायरी
पढ़कर किसी घटना पर समाचार
तैयार करता है।
● लेख
पढ़कर संबन्धित विषय पर भाषण
प्रस्तुत करता है।
● कविता
का विश्लेषण करता है और संवाद
में भाग लेता है।
● लेख
पढ़कर समान विषयों में लेख
लिखता है।
● सार्वनामिक
शब्दों का प्रयोग करता है।
● कर्ता-क्रिया-अन्विति
समझकर वाक्य लिखता है।
इकाई
3
● कहानी
के मार्मिक प्रसंग पर कहानी
लिखता है।
● अपना
मत व्यक्त करते हुए टिप्पणी
लिखता है।
● पढ़ी
हुई कविता के ताल-क्रम
पर पंक्तियाँ जोडता है।
● कविता
का भाव लिखता है।
● विशेषण
के साथ प्रत्यय जोड़कर संज्ञा
शब्दों का निर्माण करता है।
इकाई
4
● कविता
पढ़कर व्याख्या लिखता है।
● आत्मकथा
तैयार करता है।
● वाक्यों
का विश्लेषण करता है और प्रयोग
करता है।
इकाई
5
● संस्मरण
पढ़कर पत्र लिखता है।
● पोस्टर
तैयार करता है।
● मातृभाषा
से हिंदी में अनुवाद करता है।
● वार्तालाप
तैयार करता है।
● कविता
पाठ करता है।
2016 മാർച്ച് 16, ബുധനാഴ്ച
SSLC Hindi Mar 2016
Model Answer Paper
1. तालिका की पूर्ति करके लिखें। 2
- पाठप्रोक्तिरचयितागौरारेखाचित्रमहादेवी वर्माप्रिय डॉक्टर्सउपन्यासपुनत्तिल कुञ्ञब्दुल्लावह तो अच्छा हुआकविताभगवत रावतवापसीकहानीउषा प्रियंवदा
2. अंग्रेज़ी शब्दों के स्थान पर समानार्थी हिंदी शब्द रखकर पुनर्लेखन- 3
सुधा पैसा लेने बैंक गई। वह खाता संख्या भूल गई। सुधा ने लिपिक से कहा। उसने सुधा कोप्रबंधक के पास भेज दिया।
3. कोष्ठक से घटनाएँ चुनकर सही क्रम से खाली स्थान की पूर्ति। 2
- बूढ़े किसान ने शहर की दुकान से बीज और खाद खरीदे।
- घर में आकर देखा कि तीनों बोरों में ठगी भी है।
- ठगी के बारे में पूछने के लिए किसान शहर पहुँचा।
- दुकानदार ने कहा कि ठगी उपहार के रूप में दी गई है।।
4. गौरा की चरित्रगत विशेषताएँ। 2
पीड़ा सहने पर क्रुद्ध होनेवाली।- सदा शांत भाव से रहनेवाली।
- अन्य जीव-जंतुओं से प्यार करनेवाली।
सूचना: 5 से 7 तक के प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लिखें। (2x2=4)
5. सेठजी के अस्पताल में चिकित्सा की सुविधाएँ थीं। परंतु बाबूलाल तेली को निराश लौटना पड़ा। क्यों? 2
सेठजी के अस्पताल में चिकित्सा की सुविधाएँ काफी होने पर भी बाबूलाल तेली को इधर-उधर घूमना पड़ा, पर्याप्त चिकित्सा नहीं मिली, अनावश्यक टेस्टें करनी पड़ीं और जेब खाली हो गई। इसलिए उसे निराश लौटना पड़ा। (जेब खाली होनाः കീശ കാലിയാവുക)
6. डॉक्टर के लिए पूरी वसुधा को ही कुटुंब क्यों बताया गया है? 2
एक डॉक्टर को स्त्री-पुरुष, जाति, धर्म, रंग, देश आदि का भेदभाव रखे बिना सभी मरीज़ों की सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए। इसलिए डॉक्टर के लिए पूरी वसुधा को ही कुटुंब बताया गया है।
7. 'मनुष्यता' कविता में किस प्रकार की मृत्यु को सुमृत्यु कहा गया है? 2
हम अपने समाज और देश के लिए सत्कार्य करके मरने पर समाज या देश हमारी मृत्यु के बाद भी हमें याद करता है। औरों की भलाई के लिए होनेवाली ऐसी मृत्यु को ही 'मनुष्यता'कविता में सुमृत्यु कहा गया है।
सूचना: 8 से 11 तक के प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लिखें। (3x4=12)
8. अपने पिल्लों की मृत्यु पर दुखी डौली अपने मित्र को पत्र लिखती है- 4
स्थानः …............,
तारीखः …..........।
प्रिय मनीषा,
तुम कैसी हो? पढ़ाई कैसी चल रही है? तुम्हारे घर में सब कैसे हैं?
मैं इस पत्र के द्वारा मेरे प्यारे पिल्लों की दारुण हत्या के संबंध में बताना चाहती हूँ। मेरे पापा ने मेरी डैनी के पिल्लों को गरम पानी में डुबोकर मरवा दिया है। आज मैं स्कूल से आकर पिल्लों को ढूँढ रही थी। मामा ने कहा कि मैनेजर साहब के घर में हैं, रमन और ज्योति को दिखाने के लिए ले गए हैं, शाम तक वापस आएँगे आदि। मुझे संदेह था। मैंने खोज शुरू की। आया से, मेहतर से... अंत में पता चला कि मेरे पापा ने मेहतर से पिल्लों को गरम पानी डुबोकर मरवा दिया है। मैं बहुत रोयी, मैंने खाना भी नहीं खाया। मुझे आश्चर्य था कि मेरे पापा इतने निष्ठुर कैसे बने।
तुम्हारे माँ-बाप को मेरा प्रणाम। छोटे भाई को प्यार।
तुम्हारी सहेली,
(हस्ताक्षर)
डौली।
सेवा में
मनीषा. पी.
….................
…................।
9. गामा फारसी पत्रकार को भारत के गुरु-शीष्य संबंध का महत्व समझाते हैं। इससे प्रभावित फारसी पत्रकार की डायरी
स्थानः........................
तारीखः.......................
भारत के मशहूर पहलवान से आज मेरी मुलाकात हुई। उन्होंने विश्व के सारे पहलवानों को कुश्ती में लड़ने का चैलेंज दिया था। यह जानकर मैंने गामा से पूछा कि आप अपने अमुक शिष्य से क्यों नहीं लड़ते? लेकिन यह प्रश्न उन्हें एक धक्का-सा लगा। हैरान होकर वे मेरी ओर ही देख रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरा शिष्य मेरे पसीने की कमाई है। मैं लड़ूँ या वह लड़े उसमें कोई अंतर नहीं होता। हम यही चाहते हैं कि हम अपने शिष्यों से कम प्रमुख रहें। संसार में जितना नाम मैंने कमाया, उससे कहीं अधिक मेरे शिष्य कमाएँ। उन्होंने मुझे जल्दी पहचाना कि मैं एक हिंदुस्तानी नहीं हूँ। आज मुझे प्राचीन भारत के गुरु-शिष्य संबंध के बारे में अच्छी जानकारी मिली। आज का दिन मेरे लिए एक खास दिन था। (मुलाकातः കൂടിക്കാഴ്ച धक्काः പ്രഹരം खासः വിശേഷമായ)
10. प्रदूषण से नदी को बचाने का संदेश देनेवाला पोस्टर
नदियों को प्रदूषण से बचाएँ
नदियों में कूड़े-कचड़े न डालें
कारखानों से विषैला जल नदियों में न बहाएँ
हमारे भविष्य के लिए..
आगामी पीढ़ियों के लिए....
खेती के लिए.. प्रकृति के लिए..
नदियों को बचाएँ
नदी पर मानव का ही नहीं
पशु-पक्षियों का भी अधिकार है
नदी माँ है.. नदी संस्कृति है....
पर्यावरण संरक्षण समिति, …...........
11. गजाधर बाबू एक हफ्ते बाद रिटायर होनेवाले हैं। चीनी मिल के मैनेजर से होनेवाली बातचीत
गजाधर बाबूः नमस्ते मैनेजर साहब। मैं गजाधर बाबू हूँ।
मैनेजरः बोलिए जी। एक हफ्ते के बाद आप रिटायर हो रहे हैं न? क्या आप हमारी चीनी मिल में नौकरी स्वीकार करने तैयार हैं?
गजाधर बाबूः मैं 35 साल की सरकारी सेवा के बाद रिटायर हो रहा हूँ। मेरे मन में पत्नी और बच्चों के साथ रहने की बड़ी लालसा है। इसलिए फिलहाल मैं आपके मिल की नौकरी स्वीकार करना नहीं चाहता।
मैनेजरः हमारा विचार था कि आपको मंजूर है तो हम नियुक्त करेंगे। हम आपको मजबूर नहीं करेंगे। क्योंकि हम आपके बारे में जानते हैं।
गजाधर बाबूः आप मुझे नियुक्त करने के लिए तैयार हुए। धन्यवाद। लेकिन मैं अब जल्दी ही जल्दी अपने घर पहुँचने के विचार में हूँ। यहाँ के मित्रों को छोड़कर जाने में बड़ा दूख है। लेकिन.. क्या करें?
मैनेजरः तो आप अपने बीबी-बच्चों के साथ मिलने की बड़ी इच्छा में हैं। क्या आप सेवानिवृत्त होने के लिए तैयार हो गए। घर जाने का पैकिंग वगैरह शुरू किया है?
गजाधर बाबूः वह तो मैं थोड़ा-थोड़ा कर रहा हूँ। गणेशी भी हैं, सहायता करने के लिए।
मैनेजरः ठीक है गजाधर जी। आपको मेरी ओर से शुभकामनाएँ।
गजाधर बाबूः धन्यवाद जी।
(फिल्हालः ഈ അവസരത്തില് मंजूरः സമ്മതം मजबूर करनाः നിര്ബ്ബന്ധിക്കുക नियुक्त करनाः നിയമിക്കുക शुभकामनाएँ: ആശംസകള്)
12. एक एक अक्षर जोड़ने से विद्वान बन जाता है। 1
13. 'प्रगति' 1
14. कवितांश का आशय 3
यह कवितांश लोगों को निरंतर प्रयास और परिश्रम करके विकास के उच्च स्तर तक पहुँचने की प्रेरणा देता है।
इस कवितांश के द्वारा रचनाकार कहते हैं- यदि हम एक-एक करके पेड़-पौधे लगाएँ तो बड़े-बड़े बाग बन जाएँगे, जंगल बन जाएँगे। उसी प्रकार एक-एक ईंट जोड़कर बड़े-बड़े मकान और महल बना सकते हैं। वैसे ही यदि हम एक-एक अक्षर जोड़ें तो बड़े विद्वान बन जाएँगे। याने अक्षरों का अभ्यास, किताबों का अध्ययन निरंतर करने से हम बड़े ज्ञानी या विद्वान बन जाएँगे।
यह कवितांश अच्छे लक्ष्य को साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा देनेवाला है। अतः यह बिलकुल अच्छा और प्रासंगिक है।
15. संशोधन करके खंड का पुनर्लेखन करें- 2
रमा का छोटा भाई सुमेश बैंक में काम करता है।
16. उचित विशेषण चुनकर खंड का पुनर्लेखन- 2
लोग बड़े सबेरे इस सुंदर पार्क में टहलने आते हैं। यहाँ की ठंडी हवा उनको बड़ी खुशी देती है।।
17. उचित योजक से वाक्य-मिलान- 1
वह डर गया इसलिए वह कांपने लगा।
सूचना: खंड पढ़कर18 से 21 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।
18. दो दिन बाद दिवाली आनेवाली थी। इसलिए शहर प्रकाशमान था। 1
19. 'सारा शहर' में 'सारा' शब्द विशेषण है। 1
20. 'उसको' में प्रयुक्त सर्वनाम वह है। 1
21. दिवाली के अवसर पर शहर में क्या-क्या हो रहा था? 2
सारा शहर प्रकाशमान था। कहीं मिट्टी के बर्तन बिक रहे थे। कहीं मिठाई की दुकानों से सुगंध आ रही थी। दिवाली के अवसर पर शहर में ये सब हो रहा था।
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