2016, സെപ്റ്റംബർ 8, വ്യാഴാഴ്‌ച


FIRST TERMINAL EVALUATION
HINDI
Std V111 Score : 40
ANSWER KEY Time : 90 mts


Qn.No
Value point / Indicators
Score
per point
Total
Score
1
परिसर साफ़ रखने की बात कहती है।
1
1
2
वर्षा से तालों को भर दो
जल का करो बचाव ।
2
2
3
कविता का आशय ,शिल्प,प्रासंगिकता ,अपना दृष्टिकोणआदि पर
टिप्पणी लिखी है और उचित शीर्षक दिया है।
समग्र रूप से कविता का आशय को लेकर टिप्पणी लिखी है
और उचित शीर्षक भी दिया है।
कविता के सामान्य आशय को लेकर टिप्पणी लिखी है।
कविता पर टिप्पणी लिखने की कोशिश की है।
अथवा
संक्षिप्त और प्रभावशाली संदेश आकर्षक रूप से पोस्टर के रूप में प्रस्तुत किया है।
संक्षिप्त संदेश आकर्षक रूप से पोस्टर के रूप में प्रस्तुत किया है।
पोस्टर के रूप में संदेश प्रस्तुत किया है।
पोस्टर बनाने की कोशिश की है।

4


3

2
1


4

3
2

1





4







4
4
पिता ने घर तक की अठारह मील की दूरी पैदल चलने का निश्चय किया ।
1
1
5
तारीख के साथ आत्मनिषठ भाषा में उत्तमपुरुष नज़रिए से विचारों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया है।
आत्मनिषठ भाषा में विचारों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया है।
आँशिक रूप से आत्मनिषठ भाषा में विचारों को प्रस्तुत किया है।
डायरी लिखने का प्रयास किया है।

4

3

2
1




4
6
तीनों राजकुमारोंं में अधिक ज्ञानी कौन है -इस बात पर बहस होता है।
1
1
7
अहंकार
1
1
8
चरित्र पर विश्लेषण करके उचित शीर्षक देकर टिप्पणी लिखा है।
घटनाओं का उल्लेख करके चरित्र पर टिप्पणी लिखा है।
चरित्र पर टिप्पणी लिखने का प्रयास किया है।
3

2
1


3
9
निशा- दिवा
1
1
10
उत्पीडन
1
1
11
भावार्थ व्यक्त करते हुए टिप्पणी लिखा है।
पूर्ण रूप से लिखा है।
लिखने का प्रयास किया है।
3

2
1


3
12
आशय समझकर अपना विचार व्यक्त करके उत्तर लिखा है।
आशय समझकर उत्तर लिखा है।
2

1

2
13
आशय समझकर अपना मत व्यक्त करके उत्तर लिखा है।
आशय समझकर उत्तर लिखा है।
2

1

2
14
हड्डियाँ पड़ी दिखाई देती है। - हड्डियाँ पड़ी दिखाई देती थीं
बहिन शहर जाने के इंतज़ार में रहती है। - बहिन शहर जाने के इंतज़ार में रहती थी।
पिताजी के पीछे-पीछे कार चलाता है।- पिताजी के पीछे-पीछे कार चलाता था ।


1
1


2
15
ज्ञान सबकी भलाई केलिए है।
दूसरोंं को नुकसान पहुँचानेवाला ज्ञान अज्ञान है।
1

1



2
16
तारीख के साथ रूपरेखा का पालन करके प्रसंगारुकूल ढंग से पत्र लिखा है।
अंशिक रूप से प्रसंगानुकूल ढंग से रूपरेखा का पालन करके पत्र लिखा है।
रूपरेखा का पालन करके दो-तीन वाक्य लिखे है।
लिखने का प्रयास किया है।
4

3
2
1



4
17
मुझे
1
1
18
हम तीनों इस बात पर गर्व कर सकते हैं
कि हमने ज्ञान प्राप्त कर लिया है।
यह बताते हुए मुझे बहूत शर्म आई
कि मैं जाँन बेन की एक पश्चिमी फिल्म देख रहा था ।
सबको यह सीखना चाहिए
कि अच्छा इनसान कैसे बन जा सकता है।

1


1

1


3
19
प्रसंग के अनुकूल पात्रोचित वार्तालाप कल्पना के साथ लिखा है।
प्रसंग के अनुकूल पात्रोचित वार्तालाप लिखा है।
आँशिक रूप से प्रसंग के अनुकूल वार्तालाप लिखा है।
लिखने का प्रयास किया है।
4

3
2
1


4



Prepared by Asok kumar N.A , H.S.A.(Hindi) GHSS Perumpalam ,Alappuzha (dt)
Email : ashokpatanjalikumar@gmail.com Mob: 9447378576